स्वतंत्रता दिवस पर कविता/ poem on independence Day

HAPPY INDEPENDENCE DAY…. सीमा पे लड़ले जवनवां हो….. सीमा पे लड़ले जवनवां हो, वतनवां के शान होई गईले! भारत माता के ललनवां हो, देश पे कुर्बान होई गईले!! जब जब जरुरत रहले भारत मां के सर के, कफ़न बांध के आई गईले वीर हर घर से! स्वर्ग से प्यारा ई

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Motivational poem in Hindi

Motivational poem in Hindi बुलन्दियों को छूना है! ये कल की रीत सुहानी है!! आ धरा पर धर दें सब कुछ! बन रही नयी कहानी है!! दीपक जलाकर दुनियां को! कर रोशन तू जुबानी है!! मशाल न उठा अब तू! ये चीज बड़ी पुरानी है!! गा रहा तू गाथा सबकी!

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Ten best two lines shayari

शायरी १ सिसकते अल्फाज़ दिले-हाल बयां करते हैं! रहनुमा बनके तेरी सजदा किया करते हैं!! – जी.एल. तेरी यादों का सावन जला रही है हमें! खुबसूरत सी ये वादियां बुला रही है तुम्हें!! – जी.एल. कुछ तो बात है जो हमसे छुपाते हो! पुछूं जब हाले दिल तो बस मुस्कुराते

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Indian Army Day poem

Army day पर सभी जवानों को मेरी तरफ से Happy Army Day 1)कभी काश्मिर की भूमि, कभी बलिदान गाता हूं! मैं भारत मां का बेटा हूं, हिन्दुस्तान गाता हूं !! झुकते नहीं भले सर कट जाते हैं जो रण में! मैं उस मां के बेटे का यशगान गाता हूं!! –

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Poem on nature

विज्ञान की तमाम सफलताओं के बावजूद प्रकृति कोें हुई हानि के लिए प्रकृति की एक आवाज! सोचा नहीं कभी तुमने! सोचा नहीं कभी तुमने! क्यों आया था इस जग में!! उड़ना सिखा जो तूने नभ में! खलबली मच गयी विहग में!! तारों की दुनिया में ! जो तूने कदम रखा!!

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ये नरसंहार कर अत्याचार/ heart touching Hindi poem

“मन विचलित हो लिखूं व्यथा, जो धर्म विचलित हो करूं मैं क्या!!”- जी. एल. ये पंक्तियां आज के समाज के लिए लिखीं गयी है!! ये नरसंहार कर अत्याचार!! ये नरसंहार कर अत्याचार! जला दी बिटिया का संसार!! खोल के तू पाप का द्वार! करें मानवता का संहार!! बनके तू निशाचर

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श्रद्धांजलि कविता/ poem on Surat fire in takshashila

“ये कविता नहीं दर्द के प्याले हैं! एक कवि की कलम पे उभरे हुए छाले हैं!!”- जी. एल. सुरत अग्निकांड के मौत के मंजर को चरितार्थ करती ये चंद लाइनें: देखते रहे मौत का मंजर हाथों में दूरभाष लिये! फूलों का जनाजा निकला आग का उच्छ्वास लिये!! हृदयविदारक घटना यह

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मैं भी बेरोजगार हूं!

मैं भी बेरोजगार हूं! समाज की नजर में, मैं नकारा और बेकार हूं! मैं भी बेरोजगार हूं, हां मैं भी बेरोजगार हूं!! पकौड़े का मारा, किन्तु बादलों में छुपा राडार हूं! मैं भी बेरोजगार हूं, हां मैं भी बेरोजगार हूं!! बेरोजगारी में डुबा हुआ, मैं परिवार का पतवार हूं! मैं

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ढोंगी बाबा

ढोंगी बाबाओं पर एक टिप्पणी हिंसा के हम देव बनेंगे , मुद्रा से अभिषेक करेंगे! बनके आतंकवादी का दूत, कलयुग का सत्कार करेंगे!! साधु बनना शौक बना, फैशन है पाण्डा कहलाना! ढोंग बनाकर ईश्वर ब्रत का, लूट लेना है जमाना!! आये थे धर्म में निरत होने, हिंसा का ब्रत ले

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पगली लड़की

पगली लड़की **********************************उनकी यादों का सावन जब दिल में बस जाती है!जब नाम ‘प्रियु’ का दिल की धड़कन बन जाती है!!जब थका हांरा सूरज क्षितिज में ढल जाता है!जब अम्बर में चंदा को, जी देख देख ललचाता है!!जब सुबह से शाम तक एक नाम जुबां पर होता है!जब महफ़िल में

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