श्रद्धांजलि कविता/ poem on Surat fire in takshashila

“ये कविता नहीं दर्द के प्याले हैं! एक कवि की कलम पे उभरे हुए छाले हैं!!”- जी. एल. सुरत अग्निकांड के मौत के मंजर को चरितार्थ करती ये चंद लाइनें: देखते रहे मौत का मंजर हाथों में दूरभाष लिये! फूलों का जनाजा निकला आग का उच्छ्वास लिये!! हृदयविदारक घटना यह

2,061 total views, 1 views today

हिंदी ग़ज़ल संग्रह / Best Hindi ghazal sangrah

जिन्दगी दर्द बहुत देती है … जिन्दगी दर्द बहुत देती है ,इसे गुजारुँ कैसे ?उलझी हुई तेरी जुल्फों सी,इसे सवारुँ कैसे ?वो आइना भी टूट जाता है,मेरा अक्श देखकर,इस टूटे हुए आइने में ,खुद को निहारुँ कैसै?-जी.एल. लम्हाँ-लम्हाँ मेरा आज इतना उदास क्यूँ है ! …. लम्हाँ-लम्हाँ मेरा आज इतना

1,821 total views, no views today

जिंदगी का सफ़र … jindagi ka safar hindi kavita..

जिन्दगी का सफर यूँ सुहाना न होता! गर तेरी चाहतों का फसाना न होता!! सदा.जवां रहती गर दिल की धड़कनें! तो रिश्ता कभी कोई पुराना न होता!! औ छू लेती गर मेरी गजल तू लवों से ! तो यूँ बार-2 लिखकर मिटाना न होता!! अगर प्यार की तोड़ देते हम

2,394 total views, 4 views today

हिंदी ग़ज़ल …. hindi ghazal.. agar is jahan me..

अगर इस जहाँ में     http://www.yadonkasawan.com . गज़ल ************************* अगर इस जहाँ में तेरा साया न होता!तो सूकूँ-ए- दिल नुमाया न होता !!न होती अगर हर दिल में नफरतें!तो मुफलिसी ने मेरा घर जलाया न होता!!जुल्मत न होती अगर ये जिन्दगी!तो ये कागजपरस्ती में जाया न होता!!जुड़ते न तार गर

794 total views, no views today

मेरी मोहब्बत को …. meri mohabbat ko.. hindi kavita

http://www.yadonkasawan.com मेरी मोहब्बत को …. मेरी मोहब्बत को खता बता गया कोई..मुस्कुराते लबों को आज रुला गया कोई.. फिदा हैं हम उनकी ना जो अदा पे…अपनी अदाओं का दीवाना बना गया कोई.. मंजिल ढुँढ रहे थे हम बेघर होकर…आज इस दिल को आशियाना बना गया कोई.. बैठे थे हम उनकी

845 total views, no views today