स्वतंत्रता दिवस पर कविता/ poem on independence Day

HAPPY INDEPENDENCE DAY…. सीमा पे लड़ले जवनवां हो….. सीमा पे लड़ले जवनवां हो, वतनवां के शान होई गईले! भारत माता के ललनवां हो, देश पे कुर्बान होई गईले!! जब जब जरुरत रहले भारत मां के सर के, कफ़न बांध के आई गईले वीर हर घर से! स्वर्ग से प्यारा ई

10,058 total views, 1 views today

Motivational poem in Hindi

Motivational poem in Hindi बुलन्दियों को छूना है! ये कल की रीत सुहानी है!! आ धरा पर धर दें सब कुछ! बन रही नयी कहानी है!! दीपक जलाकर दुनियां को! कर रोशन तू जुबानी है!! मशाल न उठा अब तू! ये चीज बड़ी पुरानी है!! गा रहा तू गाथा सबकी!

1,461 total views, 1 views today

Indian Army Day poem

Army day पर सभी जवानों को मेरी तरफ से Happy Army Day 1)कभी काश्मिर की भूमि, कभी बलिदान गाता हूं! मैं भारत मां का बेटा हूं, हिन्दुस्तान गाता हूं !! झुकते नहीं भले सर कट जाते हैं जो रण में! मैं उस मां के बेटे का यशगान गाता हूं!! –

1,363 total views, 1 views today

Poem on nature

विज्ञान की तमाम सफलताओं के बावजूद प्रकृति कोें हुई हानि के लिए प्रकृति की एक आवाज! सोचा नहीं कभी तुमने! सोचा नहीं कभी तुमने! क्यों आया था इस जग में!! उड़ना सिखा जो तूने नभ में! खलबली मच गयी विहग में!! तारों की दुनिया में ! जो तूने कदम रखा!!

1,540 total views, no views today

ये नरसंहार कर अत्याचार/ heart touching Hindi poem

“मन विचलित हो लिखूं व्यथा, जो धर्म विचलित हो करूं मैं क्या!!”- जी. एल. ये पंक्तियां आज के समाज के लिए लिखीं गयी है!! ये नरसंहार कर अत्याचार!! ये नरसंहार कर अत्याचार! जला दी बिटिया का संसार!! खोल के तू पाप का द्वार! करें मानवता का संहार!! बनके तू निशाचर

1,514 total views, 1 views today

श्रद्धांजलि कविता/ poem on Surat fire in takshashila

“ये कविता नहीं दर्द के प्याले हैं! एक कवि की कलम पे उभरे हुए छाले हैं!!”- जी. एल. सुरत अग्निकांड के मौत के मंजर को चरितार्थ करती ये चंद लाइनें: देखते रहे मौत का मंजर हाथों में दूरभाष लिये! फूलों का जनाजा निकला आग का उच्छ्वास लिये!! हृदयविदारक घटना यह

2,061 total views, 1 views today

मैं भी बेरोजगार हूं!

मैं भी बेरोजगार हूं! समाज की नजर में, मैं नकारा और बेकार हूं! मैं भी बेरोजगार हूं, हां मैं भी बेरोजगार हूं!! पकौड़े का मारा, किन्तु बादलों में छुपा राडार हूं! मैं भी बेरोजगार हूं, हां मैं भी बेरोजगार हूं!! बेरोजगारी में डुबा हुआ, मैं परिवार का पतवार हूं! मैं

860 total views, 3 views today

पगली लड़की

पगली लड़की **********************************उनकी यादों का सावन जब दिल में बस जाती है!जब नाम ‘प्रियु’ का दिल की धड़कन बन जाती है!!जब थका हांरा सूरज क्षितिज में ढल जाता है!जब अम्बर में चंदा को, जी देख देख ललचाता है!!जब सुबह से शाम तक एक नाम जुबां पर होता है!जब महफ़िल में

1,878 total views, 3 views today

एक भाई अभी और है/heart touching poem

दोस्तों एक भाई हॉस्पिटल में अपनी आखिरी सांसे गिन रहा है, तभी अपने भाई औए बहन से कहता है! एक भाई अभी और है!*********************************दिल के किसी कोने में ये बात याद रखना ,चाहतों के समुन्दर को यूं ही सजाकर रखना !हर तरफ से भूल कर मुझे तुम्हे करना यहीं गौर

1,715 total views, no views today

दृष्टि बाधित पथिक /Drishtibadhit pathik

दोस्तों, इस दुनिया जाने कितने लोग है जो देख नही सकते ! क्या कभी अपने उनके बारे में सोचा है! कैसी होती होगी उनकी दिनचर्या ! कितने प्रोब्लेम्स सहने पड़ते होंगे! कितने लोगो की कटाक्ष सहने पड़ते होंगे! दोस्तों यह कविता उन्ही लोगो के लिये लिखा गया है ! शायद

1,686 total views, 1 views today